Poem


KITNA HAI MUJHSE PYAR !!!! न मै दीवाना कहती हूँ न तो पागल समझती हूँ तेरी यादो को इन पैरों की अब पायल समझती हूँ हमारे दिल की दूरी घट नहीं सकती कभी क्यूंकि न तुम मुझको समझते हो न मै तुमको समझती हूँ मोहब्बत एक धोका है मोहब्बत एक फ़साना है मोहब्बत सिर्फ ज़ज्बातों... Continue Reading →

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