एक नए सरदार टिचर ने ग्राऊंड पर लडकों को इधर उधर दौडते हूए और बॉल के साथ खेलते हूए देखा. तभी सरदार टिचर का ध्यान एक तरफ अकेले ही खडे बच्चे की तरफ गया. उसने उस लडके के पास जाकर पुछा,

” सब ठिक तो है ना?’

‘हां ‘ उस लडके ने जवाब दिया.

‘ फिर तुम उधर जाकर उन लडकों के साथ क्यो नही खेलते हो ?’ उसने पुछा.

‘ नही मै उधर नही जाऊंगा… मै इधर ही ठिक हूं ‘ उस लडके ने जवाब दिया.

‘ लेकिन क्यों ?” सरदार टिचर ने पुछा.

‘ क्यों की मै गोलकिपर हूं ‘ उस लडके ने चिढकर उत्तर दिया.