AAP MER JINDAGI ME KUCH IS TARAH SE AAYE,
AAP MER JINDAGI ME KUCH IS TARAH SE AAYE,
JAISE LAHRATE HUYE KHET ME KOI SAANDH GHUS AAYA HO.

LAHOO KO RANG JUNOON KO KALAM BANANE LAGE,
APANE SHAHAR PAR SHAHRE SHITAM DHAHANE LAGE,
MAAR PADHTE HI MAHBOOBA KO BAHAN BATANE LAGE.

KAMAL KE NAKHRE TERE AJIB TERI STYLE HAI,
NAAK POCHHNE KI TAMIJ NAHI OUR HAANTH ME MOBILE HAI.

JALA DO UN HASHINAO KO JO KHUD PAR NAAJ KARTI HAI,
DHAL KAR JULFE GALO PAR, OUR “SANDEEP” KO BADNAAM KARTI HAI.

Jaan hai mujhko zindagi se pyaari,
Jaan ke liye kar doon kurbaan yaari,
Jaan ke liye todd doon dosti tumhaari,
Ab tumse kya chhupaana,
Tum hi toh ho jaan hamaari !

Pyaar Ise Kehte Hain
Jawani ko zindage ki nikhaar kehte hain,
pathjad ko chaman ka majdhaar kehte hain,
Ajeeb chalan hain duniya ka yaaro,
Ek Dhoka hain Jise hum sab “PYAAR” kehte hain !

Har Dali Aapko Jhuk Ke Salam De Har Manjil Aapko Thaam Le Hamari Yahi Dua Hai Bhagwan Se Ki Zindgi Ka Har Din Aapko 1 Pyaari Muskan De

Dekha tujhe to rooh khush ho gayi,
Ek kami thi vo bhi puri ho gayi,
Pagal hain vo log jo kehte hain ki,
Chimpanzi ki aakhri nasal kahin kho gayi!!

teri zidgi mei oo bahar aaye
zindgi ki her kushi tu paaye
bhoolkar bhi gum ka saaya tuze chuu na paaye
aagar kuch ho jaaye tou bass muje hi ho jaaye
yahi tere pyaar bhare dost ki khuda se ye doovaye
our tu meri bhi zindgi jii jaaye

Apni aakhon ke samunder main utar jaane de,
Tera mujrim hoon, mujhe doob ke mar jaane de.
Zakham kitne teri chaahat se mile hain mujhko,
Sonchta hoon kahoon tujhse, magar jaane de.

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Phool khilte hain baharon ka samaa hota hai,
Aise mausam mein hi to pyaar javaan hota hai.
Dil ki baaton ko hothon se nahi kehte,
Ye fasaana to nigaahon se bayaan hota hai.

Ruth ke hummse, Ruth ke hummse khush,
Tum bhi na rah paoge, Jaan to jaegi hamari,
Saans tum bhi na le paoge !!

Hamain to ‘SMS’ ne loota
‘CALL’ mein kaha dum tha,
Mere ‘SMS’ bhi wahan pohanchay
Jahan ‘BALANCE’ hi kum tha !!

Surat main koi dum nahi,
Agar khud ko samajhti ho Madhuri,
To hum bhi Shahrukh se kum nahi !!

Zindagi me sHaDi karna bahut zaroori hai..
Kyon ki..?
Zindagi mein Khushiyaan hee sab kuch nahi hoti !!

Sine me dil, Dil me dard,
Dard me nasha,Nashe me mithas,
Mithas me ummid,Ummid me khayal,
Khayal me tasvir, Tasvir me aap !!

Socha tha na karenge kisi se dosti,
na karenge kisi se vaada,
par kya kare dost mila itna pyara ki,
karna pada dosti ka vaada !!

Na chaho kisi ko itna ki,
chahat aapki majburi ban jaye,
chaho kisi ko itna ki,aapka pyaar
uske liye jaruri ban jaye !!

Mere Dil, Jiger, Kidney, Liver ho tum
waqt-bewaqt aaye vo fever ho tum
Doob kar jisme marr jaoo vo River ho tum
Mere jeevan mein ab to forever ho tum…

Shaam hote hi ye Dil udaas hota hai
Toote khwaboo ke siwa kuch na pass hota hai
Tumahri yaad aise waqt bohat aati hai
Bandar jab koi aas-paas hota hai..

Vo aaj bhi hume dekh kar muskurate hain
Vo aaj bhi hume dekh kar muskurate hain
Yeh to unke bachche hee kaminey hain,
Jo Mama Mama kehke bulaate hain:)

Ek ladki thi diwani si, sunder si lambi si,
Nazrein jhukake sharmake galion se guzra karti thi
latak matak chalti thi, aur kaha karti thi,
Bartan Lelo Bartan….

Woh hamari gali me aaye…
Woh hamari gali me aaye…
Woh hamari gali me aaye…
Aur chillake bole…..
Paper Raddi wala !!!!!

Apni Surat ka kabhi to didaar de
tadap raha hu kabhi to apna pyaar de
Apni awaaz nahi sunani to mat suna
Kam se kam 1 Missed call hee maar de

jab tum angdayi leti ho tho mera dum nikal jata hai
jab tum angdayi leti ho tho mera dum nikal jata hai
arey thoda deodrant lagane main tera kya jata hai:)

Teray husn ki kya taarif karoo, tera bander jaisa hai moo
Teri zulfo ki kya taarif karoo, teray ek ek baal pe hai joo

Hathi nay kaha ja kar hathni ki kabar per
Sadqey jaoon tumhari patli kamar per …

आजकल की लड़कियां हुस्न पर नाज करती हैं,
आजकल की लड़कियां हुस्न पर नाज करती हैं,
ग्रामर तो आती नहीं पर अंग्रेजी में बात करती है.

शादी पर वाइफ बोली: आप मेरे प्राणनाथ और मैं आपके चरणों की दासी.
शादी के बाद पति हो गया चरणदास और पत्नी हो गई प्राणों की प्यासी.आजकल की लड़कियां हुस्न पर नाज करती हैं,
आजकल की लड़कियां हुस्न पर नाज करती हैं,
ग्रामर तो आती नहीं पर अंग्रेजी में बात करती है.

शादी पर वाइफ बोली: आप मेरे प्राणनाथ और मैं आपके चरणों की दासी.
शादी के बाद पति हो गया चरणदास और पत्नी हो गई प्राणों की प्यासी.

न मै दीवाना कहती हूँ न तो पागल समझती हूँ
तेरी यादो को इन पैरों की अब पायल समझती हूँ
हमारे दिल की दूरी घट नहीं सकती कभी क्यूंकि
न तुम मुझको समझते हो न मै तुमको समझती हूँ

मोहब्बत एक धोका है मोहब्बत एक फ़साना है
मोहब्बत सिर्फ ज़ज्बातों का झूठा कारखाना है
बहुत रोई हैं ये आँखें मोहब्बत की कहानी पर
तभी तो जानती हैं कौन अपना और बेगाना है

समय की मार ने आँखों के सब मंजर बदल डाले
ग़म-ऐ-जज़्बात ने यादो के सारे घर बदल डाले
मै अपने सात जन्मो में अभी तक ये नहीं समझी
न जाने क्यूँ भला तुमने भी अपने स्वर बदल डाले

ये सच है की मेरी उल्फत जुदाई सह नहीं पायी
मगर महफ़िल में सबके सामने कुछ कह नहीं पाई
मेरी आँखों के साहिल में समुन्दर इस कदर डूबा
बहुत ऊंची उठीं लहरें पर बाहर बह नहीं पाई

एक ऐसी पीर है दिल में जो जाहिर कर नहीं सकती
कोई बूटी मेरे दिल के जखम अब भर नहीं सकती
मेरी हालत तो उस माँ की प्रसव-पीड़ा से बदतर है
जो पीड़ा से तो व्याकुल है मगर कुछ कर नहीं सकती

बहोत अरमान आँखों में कभी हमने सजाये थे
तेरी यादो के बन्दनवार इस दर पर लगाये थे
तुम्हारा नाम ले लेकर वो अब भी हम पे हस्ते है
तुम्हारे वास्ते जो गीत हमने गुनगुनाये थे !!

तुम्हारे साथ हूँ फिर भी अकेली हूँ ये लगता है
मै अब वीरान रातों की सहेली हूँ ये लगता है
न जाने मेरे जज्बातों की पीड़ा कौन समझेगा
मैं जग में एक अनसुलझी पहेली हूँ ये लगता है

इस दीवानेपन में हमने धरती अम्बर छोड़ दिया
उनकी पग रज की चाहत में घर आँगन छोड़ दिया
कुछ कुछ जैसे मीरा ने त्यागा अपना धन वैभव
कान्हा की खातिर ज्यूँ राधा ने वृन्दावन छोड़ दिया

ये दिल रोया पर आंसू आँख से बाहर नहीं निकले
हमारे दिल से तेरी याद के नश्तर नहीं निकले
तुम्हारी चाहतो ने इस कदर बदनाम कर डाला
किसी के हो सके हम इतने खुशकिस्मत नहीं निकले

मत इंतज़ार कराओ हमे इतना
कि वक़्त के फैसले पर अफ़सोस हो जाये
क्या पता कल तुम लौटकर आओ
और हम खामोश हो जाएँ

दूरियों से फर्क पड़ता नहीं
बात तो दिलों कि नज़दीकियों से होती है
दोस्ती तो कुछ आप जैसो से है
वरना मुलाकात तो जाने कितनों से होती है

दिल से खेलना हमे आता नहीं
इसलिये इश्क की बाजी हम हार गए
शायद मेरी जिन्दगी से बहुत प्यार था उन्हें
इसलिये मुझे जिंदा ही मार गए

मना लूँगा आपको रुठकर तो देखो,
जोड़ लूँगा आपको टूटकर तो देखो।
नादाँ हूँ पर इतना भी नहीं ,
थाम लूँगा आपको छूट कर तो देखो।

लोग मोहब्बत को खुदा का नाम देते है,
कोई करता है तो इल्जाम देते है।
कहते है पत्थर दिल रोया नही करते,
और पत्थर के रोने को झरने का नाम देते है।

भीगी आँखों से मुस्कराने में मज़ा और है,
हसते हँसते पलके भीगने में मज़ा और है,
बात कहके तो कोई भी समझलेता है,
पर खामोशी कोई समझे तो मज़ा और है…!

मुस्कराना ही ख़ुशी नहीं होती,
उम्र बिताना ही ज़िन्दगी नहीं होती,
दोस्त को रोज याद करना पड़ता है,
दोस्ती कर लेनी हीं दोस्ती नहीं होती..

अर्ज़ किया है..

नासमझ तो वो ना थे इतना..
के प्यार को हमारे समझ ना सके..

नासमझ तो वो ना थे इतना..
के प्यार को हमारे समझ ना सके..

पेश किया दर्द-ए-दिल हमने नगमों मे..
उसे भी वो सिर्फ “शेर” समझ बैठे… ||१||

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बुराईया तो लाख देखी आपने..
पर दिलमॅ ना कभी झाक सके..

बुराईया तो लाख देखी आपने..
पर दिलमॅ ना कभी झाक सके..

कुसूर तो आपका भी नही है जनाब..
हम ही तो आपसे कभी कुछ कह ना सके..

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टूटे दिलको ना सहलाओ कभी,
अंगारे सुलगते है इस ख़ाक में,

ना जल जाए हाथ आपका, ए मेरे दोस्त,

इस दिलको तो आदत है…
इस दिलको तो अब आदत है…